
Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352, 356, 360 का डर सबको लगता है। 1975 में 1 बार लगा तो पूरा देश बदल गया था। क्या है राष्ट्रीय आपातकाल 352? राष्ट्रपति शासन 356 कितना खतरनाक है? वित्तीय आपातकाल 360 आजतक क्यों नहीं लगा? UPSC में हर साल 2 सवाल आते हैं।
पिछला भाग: Part 1: राष्ट्रपति + संसद अनुच्छेद 52-122
Updated: 3 July 2026 | UPSC 2026 के Latest Pattern के अनुसार
इस पोस्ट में हम Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352 356 360 के साथ-साथ PM, मंत्रिपरिषद, राज्यपाल, CAG और महान्यायवादी की पूरी Details आसान भाषा में समझेंगे। Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352 356 360 UPSC में हर साल पूछा जाता है।
प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद – अनुच्छेद 74-75
अनुच्छेद 74: मंत्रिपरिषद
क्या है: राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए PM के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी।
Important: 42वें संशोधन 1976 द्वारा राष्ट्रपति को सलाह मानना बाध्यकारी बनाया गया। 44वें संशोधन 1978 द्वारा राष्ट्रपति को यह अधिकार मिला कि वह सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं। दोबारा सलाह आने पर मानना बाध्य है।
अनुच्छेद 75: मंत्रियों की नियुक्ति
क्या है: PM की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति PM की सलाह पर राष्ट्रपति करता है।
Rule 1: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
Rule 2: किसी भी मंत्री को पद पर रहने के 6 महीने के अंदर संसद के किसी भी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है।
महान्यायवादी और CAG – अनुच्छेद 76, 148
अनुच्छेद 76: महान्यायवादी – Attorney General
क्या है: भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त। Supreme Court Judge बनने की योग्यता जरूरी।
UPSC Special: इन्हें संसद के दोनों सदनों में बोलने और बैठने का अधिकार है, लेकिन वोट देने का अधिकार नहीं है – अनुच्छेद 88।
अनुच्छेद 148: नियंत्रक महालेखापरीक्षक – CAG
क्या है: इसे ‘सार्वजनिक धन का संरक्षक’ कहा जाता है जो सरकार के खातों का Audit करता है। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त।
कार्यकाल: 6 साल या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो। अधिक जानकारी के लिए CAG की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
भाग 6: राज्य – राज्यपाल अनुच्छेद 152-167
अनुच्छेद 153: राज्य का राज्यपाल
क्या है: हर राज्य का एक राज्यपाल होगा। 7वें संविधान संशोधन 1956 के अनुसार, 1 व्यक्ति 2 या अधिक राज्यों का भी राज्यपाल बन सकता है।
अनुच्छेद 155: नियुक्ति
क्या है: राज्यपाल का चुनाव नहीं होता, इन्हें राष्ट्रपति सीधे नियुक्त करता है। यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं। सामान्यतः कार्यकाल 5 वर्ष।
अनुच्छेद 163: राज्य मंत्रिपरिषद
क्या है: राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए CM के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी।
Note – UPSC Corner: केंद्र के विपरीत, राज्यपाल मंत्रिपरिषद की हर सलाह मानने के लिए पूरी तरह बाध्य नहीं है। संविधान राज्यपाल को विवेकाधीन शक्तियां देता है।
Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352 356 360 – भाग 18
Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352 356 360 UPSC Pre और Mains दोनों में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला Topic है। इसमें 3 तरह के आपातकाल आते हैं।
3 प्रकार का आपातकाल
अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल
कारण: युद्ध, बाहरी आक्रमण, या सशस्त्र विद्रोह।
Effect: केंद्र राज्यों को निर्देश दे सकता है। अनुच्छेद 19 स्वतः निलंबित हो जाता है – सिर्फ युद्ध/बाहरी आक्रमण के समय, सशस्त्र विद्रोह के समय नहीं। अनुच्छेद 20 और 21 कभी निलंबित नहीं होते।
संसद से मंजूरी: लागू होने के 1 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से विशेष बहुमत द्वारा मंजूरी जरूरी।
कब लगा: 3 बार – 1962 चीन युद्ध, 1971 पाक युद्ध, 1975 आंतरिक अशांति।
अनुच्छेद 356: राष्ट्रपति शासन – State Emergency
कारण: राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाने पर – राज्यपाल की रिपोर्ट पर या बिना रिपोर्ट के।
संसद से मंजूरी: राष्ट्रपति शासन लागू होने के 2 महीने – 60 दिन – के भीतर संसद के दोनों सदनों से साधारण बहुमत द्वारा इसकी मंजूरी मिलना जरूरी है।
Effect: राज्य सरकार भंग/निलंबित। राज्यपाल केंद्र के प्रतिनिधि के रूप में राज्य का प्रशासन संभालता है।
अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल
कारण: जब भारत या उसके किसी हिस्से की वित्तीय स्थिरता संकट में हो।
संसद से मंजूरी: लागू होने के 2 महीने के भीतर संसद की मंजूरी जरूरी।
Effect: राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के जजों और सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जा सकती है।
कब लगा: भारत में आज तक कभी नहीं लगा। Bhartiya Samvidhan Aapatkal Anuchhed 352 356 360 की विस्तृत जानकारी भारत सरकार की Legislative वेबसाइट पर पढ़ें।
स्मार्ट नोट: राष्ट्रपति बनाम राज्यपाल
केंद्र में राष्ट्रपति केवल ‘नाममात्र’ का प्रधान है और वह पूरी तरह मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करता है। इसके विपरीत, राज्यों में राज्यपाल के पास विवेकाधीन शक्तियां – Discretionary Powers – अनुच्छेद 163 होती हैं, जो उसे राष्ट्रपति से अधिक स्वतंत्र बनाती हैं। यही कारण है कि केंद्र-राज्य संबंधों में राज्यपाल का पद अक्सर विवादों में रहता है।
High-Yield UPSC Standard MCQ प्रश्न हल करें
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का महान्यायवादी संसद के किसी भी सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है और मतदान कर सकता है।
2. राष्ट्रपति शासन – Art 356 – को लागू करने के लिए संसद से 1 महीने के भीतर मंजूरी मिलना अनिवार्य है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (D) न तो 1 और न ही 2
स्पष्टीकरण: महान्यायवादी बोल सकता है पर वोट नहीं दे सकता। राष्ट्रपति शासन के लिए 2 महीने का समय मिलता है।
Q2. किस संविधान संशोधन द्वारा यह व्यवस्था की गई कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है?
(A) 42वां संविधान संशोधन
(B) 44वां संविधान संशोधन
(C) 86वां संविधान संशोधन
(D) 73वां संविधान संशोधन
उत्तर: (B) 44वां संविधान संशोधन – 1978
Q3. राष्ट्रीय आपातकाल – अनुच्छेद 352 – के दौरान निम्नलिखित में से कौन से मूल अधिकार निलंबित नहीं किए जा सकते?
(A) अनुच्छेद 19 और 20
(B) अनुच्छेद 14 और 19
(C) अनुच्छेद 20 और 21
(D) अनुच्छेद 21 और 22
उत्तर: (C) अनुच्छेद 20 और 21
Note: 44वें संशोधन के बाद Art 20 और 21 Emergency में भी Suspend नहीं होते।
💡 Extra UPSC Value Addition:
1. PM की नियुक्ति: संविधान में PM की योग्यता Direct नहीं लिखी। पर अनुच्छेद 75 कहता है कि PM लोकसभा में बहुमत दल का नेता होना चाहिए।
2. CAG की Independence: CAG को हटाने की प्रक्रिया Supreme Court Judge के समान है – साबित कदाचार या अक्षमता पर संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से।
3. Emergency Trick: 352 = 1 महीना, 356 = 2 महीने, 360 = 2 महीने। याद रखो: “National 1, State & Financial 2”
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Very useful
Computer ki bhi post banao